झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री ने बकाया भुगतान , मनरेगा मजदूरी बढ़ाने और मनरेगा को जारी रखने की कही बात
झारखंड जैसे प्रदेश के लिए 40 प्रतिशत की हिस्सेदारी वित्तीय बोझ : दीपिका पांडेय सिंह
रांची : विकसित भारत जी ग्राम जी योजना मनरेगा को लेकर आज केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के VC में झारखंड की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह शामिल हुई . शनिवार की शाम आयोजित इस VC में देश भर के लगभग सभी राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों ने मनरेगा को लेकर अपनी बात रखी . झारखंड से मनरेगा का मजबूत पक्ष रखते हुए ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बकाया राशि भुगतान का मुद्दा उठाया . मंत्री ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री को बकाया राशि से अवगत कराते हुए कहा कि झारखंड में मैटीरियल के मद का 950 करोड़ , मजदूरी का 300 करोड़ और एडमिन 36 करोड़ का भुगतान जल्द से जल्द कराया जाए . उन्होंने कहा कि लंबे समय से बकाया राशि का भुगतान नहीं होने से ग्रामीण इलाकों में इस योजना को लेकर मनरेगा मजदूरों में उदासीनता है . इसके साथ ही मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि मनरेगा के मजदूरों का मजदूरी दर बढ़ाया जाना समय की न्याय संगत मांग है . मनरेगा का वर्तमान मजदूरी दर आसमान छूती महंगाई के नजरिए से सही नहीं है . इस मांग से देश के सभी राज्य सहमत है इस लिए केंद्र सरकार को सबसे पहले इस पर विचार किया जाना चाहिए . उन्होंने कहा कि आज पहली बार विकसित भारत जी ग्राम जी योजना को लेकर बैठक हो रही है , जबकि इसको लेकर केंद्र सरकार को पहले ही राज्यों के साथ राय मशविरा करनी चाहिए थी . योजना में किए गए बदलाव के तहत राज्यों की 40 प्रतिशत की हिस्सेदारी ने सबको चौकाया है . ये पूरी तरह से झारखंड जैसे राज्य का वित्तीय संकट बढ़ाने वाला निर्णय है . 40 प्रतिशत की हिस्सेदारी से झारखंड का वित्तीय संकट बढ़ेगा . इस लिए झारखंड विधानसभा ने सदन से मनरेगा को ही जारी रखने का प्रस्ताव पारित किया है . मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि 100 दिन के बजाय 150 दिन काम की गारंटी पर केंद्र सरकार को पहल कर सुनिश्चित किया जाना चाहिए . इसके साथ ही 60 दिनों के अवकाश के निर्णय में छूट देने की आवश्यकता है . इस निर्णय से मनरेगा मजदूरों के सामने रोजगार का संकट के साथ – साथ पलायन का दबाव बढ़ेगा . VC में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने जोर देते हुए कहा कि मनरेगा में झारखंड के हिस्से का बकाया राशि भुगतान की पहल तेज की जाए . ताकि मजदूरों के साथ न्याय किया जा सके .








