बंद पड़े बीएसएनएल टावर को चोरों ने बनाया निशाना, तांबे का तार काटकर ले जा रहे थे, बाइक छोड़कर भागे

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हिरणपुर, संवाददाता। थाना क्षेत्र के दराजमाठ में बुधवार देर रात चोरों ने वर्षों से बंद पड़े बीएसएनएल टावर को निशाना बनाकर तांबे के तारों की चोरी का प्रयास किया। चोर टावर के ऊपर से नीचे तक लगे तांबे के तारों को काटकर निकाल रहे थे और चोरी किए गए तारों को एक वैननुमा वाहन में लोड कर रहे थे। इसी दौरान आसपास के ग्रामीणों की नींद खुल गई। लोगों के शोर मचाने पर चोरों में अफरा-तफरी मच गई और वे मौके से फरार हो गए।

घटना बुधवार देर रात करीब डेढ़ बजे की बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, दराजमाठ स्थित बीएसएनएल टावर लंबे समय से बंद पड़ा हुआ है। इसी का फायदा उठाकर चोरों ने देर रात टावर परिसर में प्रवेश किया और वहां लगे तांबे के तारों को काटना शुरू कर दिया। चोरों ने काफी मात्रा में तार काटकर उसे वाहन में लोड भी कर लिया था।

इसी बीच आसपास के लोगों को टावर परिसर में संदिग्ध गतिविधि की भनक लगी। ग्रामीणों के जागने के बाद जब उन्होंने शोर मचाना शुरू किया तो चोर घबरा गए। मौके पर अफरा-तफरी के बीच चोर चोरी किए गए सामान को छोड़कर भाग निकले। बताया जाता है कि भागने की जल्दबाजी में चोर अपनी बाइक भी मौके पर ही छोड़ गए।

मौके से बरामद बाइक का नंबर जेएच16आई/7899 बताया जा रहा है। बाइक के मौके पर छूट जाने को पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग माना जा रहा है। पुलिस बाइक के रजिस्ट्रेशन, उसके मालिक और उससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटाकर चोरों तक पहुंचने का प्रयास कर सकती है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, टावर लंबे समय से बंद रहने के कारण उसकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। टावर की देखरेख की जिम्मेदारी अब्दुल वहाब अंसारी द्वारा किए जाने की बात सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि बंद पड़े सरकारी एवं संचार विभाग से जुड़े प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है, क्योंकि ऐसे स्थान चोरों के लिए आसान निशाना बन सकते हैं।

घटना के बाद इलाके में चोरी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच करने, मौके से बरामद बाइक के आधार पर आरोपियों की पहचान करने तथा चोरी के प्रयास में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। पुलिस मौके पर छूटी बाइक समेत अन्य संभावित सुरागों को खंगाल रही है। अब जांच का मुख्य केंद्र यह होगा कि बाइक किसके नाम पर पंजीकृत है और घटना के समय उसे कौन इस्तेमाल कर रहा था। साथ ही पुलिस चोरी किए गए तांबे के तारों की बरामदगी और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर सकती है।

बंद पड़े बीएसएनएल टावर से तांबे के तारों की चोरी का यह प्रयास यह भी दर्शाता है कि लंबे समय से अनुपयोगी पड़े सरकारी संचार ढांचों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता जरूरी है। फिलहाल पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इस घटना के पीछे कितने लोग शामिल थे और चोरी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे वाहन व बाइक का संबंध किन लोगों से है।

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