पुलिस एसोसिएशन की चेतावनी के बाद जयराम महतो का पलटवार, बोले- “पांच दिन क्या, 500 दिन का अल्टीमेटम भी मंजूर
धनबाद/रांची। बरवाअड्डा थाना प्रभारी के साथ हुए विवाद को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन और डुमरी विधायक जयराम महतो के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। पुलिस एसोसिएशन द्वारा विधायक जयराम महतो और उनके समर्थकों पर थाना प्रभारी के साथ कथित अमर्यादित व्यवहार का आरोप लगाते हुए पांच दिनों के भीतर गिरफ्तारी की मांग किए जाने के बाद जयराम महतो ने वीडियो बयान जारी कर पुलिस एसोसिएशन पर पलटवार किया है।
जयराम महतो ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब प्रिंस खान द्वारा एसएसपी को कथित तौर पर धमकी दी गई थी, तब पुलिस एसोसिएशन कहां था? उन्होंने पूछा कि उस समय एसोसिएशन की ओर से ऐसी चेतावनी क्यों नहीं दी गई थी। विधायक ने कहा कि पुलिस एसोसिएशन को सभी मामलों में समान रूप से अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
“किसी संगठन के दबाव में डरने वाला नहीं”

वीडियो बयान में जयराम महतो ने अपने क्षेत्र और वहां के आंदोलनकारी इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि वह तोपचांची क्षेत्र से आते हैं, जिसे कभी “लालखंड” के नाम से जाना जाता था और यहां के लोगों को “लालखंडी” कहा जाता था। उन्होंने कहा कि वह किसी संगठन के दबाव में डरने या झुकने वाले नहीं हैं।
विधायक ने कहा कि जिस मिट्टी से वह आते हैं, वहां के लोग पुलिस से डरने के बजाय अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना जानते हैं। उन्होंने पुलिस एसोसिएशन की पांच दिन की चेतावनी पर कहा कि पांच दिन क्या, 500 दिन का अल्टीमेटम भी उन्हें प्रभावित नहीं करेगा।
पुलिस व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
जयराम महतो ने अपने बयान में पुलिस व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कोयला और बालू चोरी जैसी गतिविधियों को रोकने में पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी पुलिस से वह डरने वाले नहीं हैं।
उन्होंने पुराने आंदोलनकारी दौर का जिक्र करते हुए तोपचांची क्षेत्र की एक घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें उनके अनुसार एक पुलिस अधिकारी को आंदोलनकारियों द्वारा जंगल ले जाया गया था और तत्कालीन पुलिस अधीक्षक भी मौके पर जाने से हिचकिचाए थे। जयराम महतो ने इस प्रसंग के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि क्षेत्र के लोग अपने अधिकारों और मांगों को लेकर संघर्ष करने का इतिहास रखते हैं।
पुलिस एसोसिएशन ने दी थी आंदोलन की चेतावनी
गौरतलब है कि बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के साथ हुए विवाद को लेकर झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने जयराम महतो और उनके समर्थकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में विधायक पर पुलिसकर्मियों के प्रति कथित अमर्यादित बयानबाजी और धमकी देने का आरोप लगाया गया है।
एसोसिएशन ने विधायक की पांच दिनों के भीतर गिरफ्तारी की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यभर के पुलिसकर्मी चरणबद्ध आंदोलन करेंगे। एसोसिएशन ने थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई तथा मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी कर आरोपितों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग की है।
आमने-सामने पुलिस एसोसिएशन और विधायक
पुलिस एसोसिएशन की चेतावनी के बाद जयराम महतो के वीडियो बयान से विवाद और गहराता दिखाई दे रहा है। एक ओर पुलिस एसोसिएशन विधायक के कथित व्यवहार को पुलिसकर्मियों के सम्मान और गरिमा से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जयराम महतो पुलिस एसोसिएशन की भूमिका और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए अपने रुख पर कायम हैं।
अब सबकी नजर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई पर है। यदि दोनों पक्षों के बीच विवाद का समाधान नहीं हुआ, तो मामला राजनीतिक और संगठनात्मक आंदोलन का रूप ले सकता है।









