मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना में बड़ा खुलासा, अपात्र लाभुकों से होगी राशि की वसूली

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चाईबासा। मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत पूर्वी सिंहभूम जिले में चलाए जा रहे सत्यापन अभियान में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। जिला प्रशासन की जांच में करीब 4 हजार ऐसे लाभुकों की पहचान की गई है, जो योजना की पात्रता पूरी नहीं करते थे, इसके बावजूद योजना का लाभ ले रहे थे। अब प्रशासन ने ऐसे लाभुकों से राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है।

जांच के दौरान यह सामने आया कि कई लोगों ने योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए गलत जानकारी दी थी, जबकि कुछ मामलों में पात्रता से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर आवेदन किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे मामलों में केवल राशि की रिकवरी ही नहीं, बल्कि आवश्यकतानुसार कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

सत्यापन अभियान के दौरान अब तक कुल 6,974 लाभुकों के नाम योजना की सूची से हटाए जा चुके हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जिनकी मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उनके नाम पर योजना का लाभ जारी था। इससे पहले एक पुरुष द्वारा महिला कल्याण से संबंधित इस योजना का लाभ लेने का मामला भी सामने आया था, जिसके बाद उससे प्राप्त राशि वापस वसूल की गई थी।

जांच में यह भी पाया गया कि बिहार की मूल निवासी 142 महिलाएं पूर्वी सिंहभूम जिले में इस योजना का लाभ प्राप्त कर रही थीं। प्रशासन ने ऐसे मामलों की पहचान कर उनके खिलाफ भी रिकवरी की कार्रवाई शुरू कर दी है।

जिले में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत कुल 3,07,071 लाभार्थी पंजीकृत हैं। इनमें से 2,89,019 लाभुकों को अब तक पात्र पाया गया है, जबकि 11,078 लाभुकों का सत्यापन कार्य अभी शेष है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही जिले में वास्तविक पात्र लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार की जाएगी।

सामाजिक सुरक्षा विभाग की प्रभारी सहायक निदेशक रूपा रानी तिर्की ने बताया कि सत्यापन अभियान का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष मामलों की जांच भी जल्द पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो लोग योजना की पात्रता के मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं नॉन-डीबीटी से जुड़े कुछ मामलों में भुगतान पहले ही रोक दिया गया है।

प्रशासन का मानना है कि इस अभियान से योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी और वास्तविक जरूरतमंद लाभुकों तक सरकारी सहायता सुनिश्चित की जा सकेगी।

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