संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। R. N. Ravi ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग कर दिया। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब विधानसभा चुनाव परिणामों को लेकर राज्य में राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है।
बताया जा रहा है कि Mamata Banerjee ने चुनाव में हार स्वीकार करने से इनकार कर दिया था और इस्तीफा नहीं देने की बात कही थी। इसके बाद राज्यपाल ने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए विधानसभा भंग करने का आदेश जारी किया।
राजभवन की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार पश्चिम बंगाल विधानसभा का पांच वर्षीय कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो गया। विधानसभा भंग होने के साथ ही राज्य की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला राज्य की सत्ता परिवर्तन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। वहीं तृणमूल कांग्रेस की ओर से चुनाव परिणामों और राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।
इस घटनाक्रम के बाद राज्य में राजनीतिक हलचल और बढ़ गई है। सभी की नजर अब नई सरकार के गठन और आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर टिकी हुई है।








