संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अनोखा अंदाज चर्चा का विषय बन गया है। हाल ही में उनके रोड शो के दौरान ‘झालमुड़ी’ का स्वाद लेना केवल एक साधारण घटना नहीं रही, बल्कि इसे सियासी संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
बंगाल की संस्कृति में ‘झालमुड़ी’ सिर्फ एक स्ट्रीट फूड नहीं, बल्कि आम लोगों की पहचान और पसंद का हिस्सा है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी का इसे अपनाना सीधे जनता से जुड़ने की रणनीति माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के कदमों से आम जनता के साथ भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होता है।
वहीं विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए समर्थकों का कहना है कि यह बदलाव का संकेत है। कई जगहों पर यह चर्चा भी तेज हो गई है कि बंगाल की राजनीति में अब बड़ा परिवर्तन संभव है।
हालांकि, चुनावी नतीजे ही तय करेंगे कि यह रणनीति कितनी सफल रही, लेकिन फिलहाल ‘झालमुड़ी’ ने बंगाल की राजनीति में हलचल जरूर मचा दी है।








