भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से की मुलाकात, सूर्या हांसदा एनकाउंटर और नगड़ी रैयत किसानों की जमीन पर रिम्स टू निर्माण पर जताई आपत्ति

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रांची ।
झारखंड में सूर्या हांसदा के कथित पुलिसिया एनकाउंटर और नगड़ी में रैयत किसानों की उपजाऊ जमीन पर प्रस्तावित रिम्स टू अस्पताल निर्माण के मुद्दे को लेकर भाजपा का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में राजभवन पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर दोनों मामलों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा और राज्य सरकार की नीतियों को तानाशाही करार दिया।

सूर्या हांसदा मामला – सीबीआई जांच की मांग

ज्ञापन में भाजपा ने 11 अगस्त 2025 को गोड्डा जिले में हुए सूर्या हांसदा के कथित एनकाउंटर को “सुनियोजित हत्या” बताया और इसकी सीबीआई जांच की मांग की।
भाजपा ने आरोप लगाया कि—

सूर्या हांसदा को 10 अगस्त को देवघर जिले से गिरफ्तार कर पुलिस ने हिरासत में लिया, पर न तो मेडिकल जांच कराई गई और न ही न्यायालय में पेश किया गया।

अगले दिन पुलिस ने महागामा के ललमटिया में फर्जी मुठभेड़ दिखाकर उनकी हत्या कर दी।

पुलिस उन्हें अपराधी बताने की कोशिश कर रही है, जबकि अदालतों ने उन्हें कई मामलों में बरी किया था और वे सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में गरीब आदिवासी बच्चों की शिक्षा में योगदान देते रहे।

भाजपा ने कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री के करीबी लोगों की संलिप्तता संदिग्ध है और पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए केवल सीबीआई जांच ही विकल्प है।

नगड़ी रैयत भूमि विवाद – रिम्स टू निर्माण पर रोक की मांग

दूसरे ज्ञापन में भाजपा ने नगड़ी में रैयत किसानों की शत-प्रतिशत उपजाऊ जमीन पर जबरन रिम्स टू निर्माण के फैसले का विरोध किया। भाजपा का कहना है कि—

यह जमीन आदिवासी किसानों की खातियानी रैयती भूमि है, जिस पर वर्षों से हजारों परिवार खेती कर जीवनयापन कर रहे हैं।

24 अगस्त को शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग कर दमनकारी चेहरा दिखाया।

भाजपा का रुख स्पष्ट है कि अस्पताल निर्माण का विरोध नहीं है, लेकिन इसके लिए बंजर भूमि का चयन किया जाना चाहिए, न कि किसानों की उपजाऊ जमीन छीनी जाए।

पार्टी ने किसानों पर दर्ज मुकदमों को तुरंत वापस लेने की भी मांग की।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेता

प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के साथ कार्यकारी अध्यक्ष रवींद्र कुमार राय, प्रदेश महामंत्री व राज्यसभा सांसद आदित्य प्रसाद साहू, विधायक सी.पी. सिंह, नवीन जायसवाल, पूर्व मंत्री गंगोत्री कुजूर, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल थे।

भाजपा ने राज्यपाल से दोनों मुद्दों पर हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए कहा कि—
“राज्य सरकार की तानाशाही और हठधर्मिता के खिलाफ न्याय की लड़ाई हर स्तर पर जारी रहेगी।”

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