सीनियर डीपीओ के नियम विरुद्ध एक जगह जमे रहने का आरोप

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ईस्टर्न रेलवे मेंस कांग्रेस ने किया जोरदार प्रदर्शन





साहिबगंज। मालदा डिवीजन में सीनियर डीपीओ के विगत 05 वर्षों से अधिक समय से एक ही जगह जमे रहने के विरोध में सोमवार को ईस्टर्न रेलवे मेंस कांग्रेस के बैनर तले कर्मियों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने रेल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शाखा सचिव राकेश कुमार ने कहा कि
रेलवे बोर्ड के कड़े दिशा-निर्देश हैं कि भ्रष्टाचार और एकाधिकार को रोकने के लिए संवेदनशील पदों  पर बैठे अधिकारियों का तय समय सीमा के भीतर ट्रांसफर होना अनिवार्य है। लेकिन मालदा में सीनियर डीपीओ को खुली छूट दे दी गई है। आखिर रेलवे प्रशासन किस स्वार्थ के तहत इतने लंबे समय से इनका स्थानांतरण नहीं कर रहा है? उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि काफी दिनों से एक ही डिवीजन में पदस्थापित रहने के कारण सीनियर डीपीओ का रवैया पूरी तरह से अड़ियल, मनमाना और स्वेच्छाचारी हो चुका है। कार्मिक विभाग में लाल फीताशाही इस कदर बढ़ गई है कि आम रेल कर्मचारियों के जायज प्रशासनिक कार्य, शिकायत निवारण और हक से जुड़े मामले फाइलों में दबाकर रख दिए जाते हैं। कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय तानाशाही पूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। उन्होंने पूर्व रेलवे मुख्यालय और रेलवे बोर्ड से मांग की है कि नियम विरुद्ध जमे सीनियर डीपीओ मालदा का तुरंत स्थानांतरण किया जाए। यदि प्रशासन ने इस मांग पर जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो यूनियन पूरे मंडल में चक्का जाम और उग्र आंदोलन के लिए विवश होगी। जिसकी पूरी जिम्मेदारी रेल प्रशासन की होगी।
मौके पर शाखा के वरिष्ठ सदस्य, कई पदाधिकारी व भारी संख्या में आक्रोशित रेल कर्मचारी उपस्थित थे।

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