भगवान भरोसे अग्नि सुरक्षा! धनबाद में मॉल से लेकर सरकारी दफ्तरों तक फायर सेफ्टी पर बड़े सवाल

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संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क 

धनबाद: कोयलांचल धनबाद में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। शहर के प्रमुख व्यावसायिक और सरकारी परिसरों में लगे कई फायर एक्सटिंग्विशर की वैधता अवधि समाप्त हो चुकी है, जबकि कई उपकरणों की वर्षों से सर्विसिंग तक नहीं हुई है। ऐसे में हजारों लोगों की सुरक्षा भगवान भरोसे नजर आ रही है।

जानकारी के अनुसार, शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र सिटी सेंटर में लगे कई फायर एक्सटिंग्विशर की रिफिलिंग अवधि दो से ढाई वर्ष पहले ही समाप्त हो चुकी है। सिटी सेंटर में मॉल, रेस्टोरेंट, दुकानें, शैक्षणिक संस्थान और आवासीय फ्लैट संचालित होते हैं, जहां प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद अग्नि सुरक्षा उपकरणों की खराब स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी दुकान, रेस्टोरेंट या अन्य प्रतिष्ठान में आग लग जाए तो निष्क्रिय पड़े ये उपकरण किसी काम नहीं आएंगे और छोटी घटना भी बड़े हादसे में बदल सकती है।

वहीं, मिश्रित भवन, जहां कई महत्वपूर्ण सरकारी विभाग संचालित होते हैं, वहां भी फायर सेफ्टी की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। जांच में सामने आया कि कई फायर एक्सटिंग्विशर की अंतिम रिफिलिंग वर्ष 2021 में हुई थी और उसके बाद नियमित सर्विसिंग या निरीक्षण का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिला।

विशेषज्ञों के अनुसार फायर एक्सटिंग्विशर की समय-समय पर जांच और रिफिलिंग बेहद आवश्यक होती है। निर्धारित अवधि के बाद इनकी क्षमता प्रभावित हो सकती है, जिससे आपातकालीन स्थिति में उपकरण काम नहीं करते और जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है।

धनबाद अग्निशमन विभाग के प्रभारी लक्ष्मण प्रसाद ने भी स्वीकार किया है कि फायर सेफ्टी उपकरणों की नियमित जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि एक वर्ष से अधिक समय तक सर्विसिंग नहीं होती है तो उपकरणों के निष्क्रिय होने का खतरा बढ़ जाता है।

सिटी सेंटर और मिश्रित भवन जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर एक्सपायरी फायर सेफ्टी उपकरण मिलने के बाद प्रशासनिक निगरानी और फायर सेफ्टी ऑडिट व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब जरूरत है कि संबंधित विभाग तत्काल जांच कर सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में किसी संभावित हादसे को रोका जा सके।

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