कोडरमा: झारखंड के कोडरमा जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। मरकच्चो प्रखंड की डगरनवां पंचायत अंतर्गत आदिवासी टोला काली पहाड़ी में ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। हालात इतने बदतर थे कि गांव के लोग और सूअर एक ही गड्ढे में जमा पानी पीने को मजबूर थे।
ग्रामीणों की इस पीड़ा की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे राज्य में हड़कंप मच गया। तस्वीर में साफ देखा गया कि दूषित पानी के उसी स्रोत का उपयोग इंसानों के साथ-साथ जानवर भी कर रहे हैं। इससे ग्रामीणों में बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तत्काल संज्ञान लिया और कोडरमा उपायुक्त को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश के कुछ ही घंटों के भीतर प्रशासन हरकत में आया और गांव में ट्यूबवेल लगाने की व्यवस्था शुरू कर दी गई।
प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया तथा ग्रामीणों को जल्द स्थायी पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। स्थानीय लोगों ने कहा कि वर्षों से वे पानी की समस्या से जूझ रहे थे, लेकिन अब जाकर प्रशासन का ध्यान इस ओर गया है।
इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि आज भी कई गांवों में स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं है, जो चिंता का विषय है।








