📍 साहिबगंज / रांगा थाना क्षेत्र
झारखंड के साहिबगंज जिले में अवैध हथियार निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार एसटीएफ और साहिबगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार को एक अवैध मिनी हथियार फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। रांगा थाना क्षेत्र अंतर्गत केंदुआ आमगाछी गांव में की गई इस छापेमारी में पुलिस ने एक दर्जन से अधिक अवैध हथियार, अर्द्धनिर्मित हथियार और हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनें बरामद की हैं।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई बिहार की राजधानी पटना में हथियार के साथ गिरफ्तार किए गए एक युवक की निशानदेही पर की गई। पूछताछ के दौरान युवक ने साहिबगंज जिले में अवैध हथियार निर्माण का खुलासा किया था। इसके बाद बिहार एसटीएफ ने साहिबगंज पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त ऑपरेशन की योजना बनाई।
गुरुवार को भारी पुलिस बल और विशेष टीमों के साथ केंदुआ आमगाछी गांव में छापेमारी की गई। पुलिस ने गांव के एक बंद पड़े मकान को घेरकर तलाशी ली, जहां अंदर अवैध रूप से हथियार बनाने का काम चल रहा था। तलाशी के दौरान मौके से कई देसी हथियार, अर्द्धनिर्मित पिस्टल, कट्टा तथा हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए।
सूत्रों के मुताबिक, फैक्ट्री में हथियार तैयार करने के लिए विशेष मशीनों और धातु काटने वाले उपकरणों का उपयोग किया जा रहा था। पुलिस को आशंका है कि यहां लंबे समय से अवैध हथियारों का निर्माण कर विभिन्न जिलों और राज्यों में सप्लाई की जा रही थी।
हालांकि छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह का नेटवर्क झारखंड के अलावा बिहार और अन्य राज्यों तक फैला हो सकता है।
कार्रवाई के दौरान बरहरवा एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल, बिहार एसटीएफ के अधिकारी, साहिबगंज पुलिस और बड़ी संख्या में पुलिस जवान मौजूद रहे। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर कई घंटों तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस अवैध फैक्ट्री से तैयार हथियार किन आपराधिक गिरोहों तक पहुंचाए जाते थे और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। बरामद हथियारों और मशीनों को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे जाने की तैयारी की जा रही है।
स्थानीय लोगों के बीच इस कार्रवाई के बाद काफी चर्चा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि गांव के भीतर इस तरह का अवैध कारोबार संचालित हो रहा था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और जल्द ही बड़े खुलासे हो सकते हैं। हालांकि इस संबंध में पुलिस प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रेस बयान जारी नहीं किया गया है।








