📍 पश्चिमी सिंहभूम | संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
झारखंड के सारंडा जंगल में आईईडी विस्फोट की चपेट में आए एक दंतैल जंगली हाथी का इलाज शुरू कर दिया गया है। घटना ने एक बार फिर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बिछाए जा रहे विस्फोटकों के खतरनाक असर को उजागर कर दिया है।
🐘 ब्लास्ट में हाथी का पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त
पशु चिकित्सकों के अनुसार, विस्फोट इतना गंभीर था कि हाथी के एक पैर की सभी उंगलियां उड़ गई हैं। दर्द और गंभीर चोट के कारण वह अपना पैर जमीन पर नहीं रख पा रहा है। फिलहाल उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
💉 झारखंड–ओडिशा की संयुक्त टीम कर रही इलाज
घायल हाथी का उपचार झारखंड और ओडिशा के पशु चिकित्सकों की संयुक्त टीम द्वारा किया जा रहा है। वन विभाग की निगरानी में हाथी को कोलबोंगा क्षेत्र के सासंगदा-लेबरागढ़ा नाला के पास ट्रैक किया गया है।
चिकित्सक हाथी को एंटीबायोटिक, दर्दनाशक और सूजन कम करने वाली दवाइयां लौकी और तरबूज में मिलाकर खिला रहे हैं।
🚑 रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
वन विभाग की टीम हाथी को सुरक्षित स्थान पर लाने की कोशिश कर रही है, ताकि उसे बेहतर इलाज मिल सके। इलाके में लगातार निगरानी भी रखी जा रही है।
🌲 ग्रामीणों ने दी थी सूचना
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ग्रामीणों ने जंगल में मछली पकड़ने के दौरान घायल हाथी को देखा था। इसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई।
आशंका जताई जा रही है कि पोंगा जंक्शन के पास हुए आईईडी विस्फोट में ही हाथी घायल हुआ।
⚠️ वन्यजीव भी बन रहे हैं शिकार
इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में लगाए जा रहे आईईडी केवल सुरक्षा बलों ही नहीं, बल्कि वन्यजीवों के लिए भी बड़ा खतरा बन चुके हैं। वन विभाग हाथी को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है।








