संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
रांची/झारखंड: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय (CGL) परीक्षा 2023 में कथित पेपर लीक मामले की जांच में नए तथ्य सामने आए हैं। मामले की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की विशेष जांच टीम (SIT) के अनुसार, पश्चिम बंगाल के अलग-अलग ठिकानों पर अभ्यर्थियों को परीक्षा से जुड़े प्रश्न और उनके उत्तर याद करवाए जाने का आरोप है।
जांच के मुताबिक, अभ्यर्थियों को पश्चिम बंगाल के नियामतपुर स्थित मातुभवन, कोलकाता के होटल एन-7 और दुर्गापुर के सितुलपुर समेत अन्य स्थानों पर ले जाया गया था। आरोप है कि इन ठिकानों पर परीक्षा से संबंधित प्रश्नों और उत्तरों को याद करवाने की व्यवस्था की गई थी।
दिलीप पासवान के खाते में करीब 12 लाख रुपये ट्रांसफर
CID की रिमांड पर लिए गए आरोपी दिलीप कुमार पासवान से पूछताछ के दौरान इन ठिकानों से जुड़ी जानकारियां सामने आने की बात कही गई है। जांच एजेंसी ने संबंधित दिनों की कॉल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्य भी जुटाए हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि अलग-अलग अभ्यर्थियों के माध्यम से दिलीप पासवान के बैंक खाते में करीब 12 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। CID ने इस संबंध में संबंधित अभ्यर्थियों के बयान दर्ज किए हैं। अब एजेंसी बैंक लेन-देन, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर कथित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
मनु कुमार सिंह और राजन कुमार सिंह से भी पूछताछ
मामले में CID ने मनु कुमार सिंह और राजन कुमार सिंह से भी पूछताछ की है। दोनों को तीन दिनों की रिमांड पर लिया गया था। जांच के अनुसार, दोनों की भूमिका परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी ICN के संचालक मिथिलेश सिंह के कथित एजेंट के रूप में संदिग्ध बताई गई है।
आरोप है कि अभ्यर्थियों को पटना और अन्य स्थानों पर ले जाकर प्रश्न-उत्तर याद करवाने में भी उनकी भूमिका हो सकती है। मनु कुमार सिंह को छपरा से, जबकि राजन कुमार सिंह को पटना से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
CID अब पूछताछ के आधार पर अभ्यर्थियों, कथित एजेंटों और अन्य संदिग्धों के बीच संपर्कों की जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित पेपर लीक नेटवर्क किस तरह संचालित होता था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी।
कॉल डिटेल, लोकेशन और बैंक खातों की जांच जारी
JSSC-CGL परीक्षा 2023 में कथित अनियमितताओं को लेकर CID की जांच जारी है। एजेंसी कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन, बैंक लेन-देन और पूछताछ में सामने आए बयानों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।
हालांकि, जांच के दौरान सामने आए आरोपों को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता। संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।









