ब्रह्मपुत्र मेल में एसीपी की घटना से खुला मामला, बांग्लादेशी नागरिक होने का दावा करने वाला युवक गिरफ्तार

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तीन महीने पहले अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने की पूछताछ में दी जानकारी, बरहरवा आरपीएफ की एस्कॉर्ट टीम की सतर्कता से पकड़ा गया; साहिबगंज जीआरपी में मामला दर्ज



साहिबगंज । दिल्ली से गुवाहाटी जा रही ब्रह्मपुत्र मेल में अलार्म चेन खींचने (एसीपी) की घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की सतर्कता से एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया है। ट्रेन में पकड़े गए 26 वर्षीय युवक ने पूछताछ के दौरान खुद को बांग्लादेश का नागरिक बताया। आरपीएफ की पूछताछ में उसने कथित तौर पर करीब तीन महीने पहले असम के रास्ते अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने और श्रीनगर में मजदूरी करने की जानकारी दी। मामले में साहिबगंज रेल थाना (जीआरपी) में 9 अक्टूबर 2026 को विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 14(ए)(बी) के तहत कांड संख्या 32/2026 दर्ज किया गया है।

एसीपी के कारण ट्रेन रुकी, एस्कॉर्ट टीम ने युवक को पकड़ा

आरपीएफ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 8 अक्टूबर 2026 को ट्रेन संख्या 15657 डाउन ब्रह्मपुत्र मेल रात करीब 9:02 बजे साहिबगंज रेलवे स्टेशन पहुंची और 9:10 बजे रवाना हुई। इससे पहले करमटोला-साहिबगंज रेलखंड के किलोमीटर संख्या 234/22 के पास रात 8:51 से 8:55 बजे तक ट्रेन एक सामान्य श्रेणी के कोच में अलार्म चेन खींचे जाने के कारण रुकी थी। इस संबंध में ट्रेन के ड्यूटी मैनेजर ने मेमो-सह-एफआईआर संख्या 28/2026 जारी की।
ट्रेन की एस्कॉर्ट ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ कर्मियों ने संबंधित कोच में पहुंचकर जांच की। इस दौरान एक युवक मिला, जिसने पूछताछ में बताया कि वह दिल्ली से गुवाहाटी जा रहा था और ट्रेन में सोते समय अचानक उसका हाथ एसीपी हैंडल से छू गया, जिससे ट्रेन रुक गई। पूछताछ के दौरान उसने बांग्लादेश का नागरिक होने की बात भी कही।

बरहरवा आरपीएफ की टीम ने निभाई अहम भूमिका

इस कार्रवाई में मालदा से ट्रेन एस्कॉर्ट ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ की टीम शामिल थी। उपलब्ध विभागीय विवरण के अनुसार, एएसआई सुरेश पासवान के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल अमरजीत कुमार, कांस्टेबल डीपी राय और कांस्टेबल अमित कुमार ट्रेन में सुरक्षा ड्यूटी कर रहे थे। एस्कॉर्ट टीम ने युवक को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई के लिए आरपीएफ पोस्ट बरहरवा को लिखित शिकायत के साथ सौंपा। इसके बाद अधिकार क्षेत्र के अनुसार युवक को ट्रेन संख्या 13023 अप के माध्यम से आरपीएफ पोस्ट साहिबगंज भेजा गया। 9 अक्टूबर की सुबह करीब तीन बजे साहिबगंज में ड्यूटी पर तैनात एएसआई बुधिराज उरांव ने उसे प्राप्त किया। मामले की आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया साहिबगंज में पूरी की गई। इस पूरे घटनाक्रम में बरहरवा आरपीएफ इंस्पेक्टर के स्तर पर भी सहयोग की भूमिका रही।

पूछताछ में असम सीमा से प्रवेश करने की बात कही

आरपीएफ पोस्ट साहिबगंज के प्रभारी निरीक्षक समीरन चौधरी ने युवक से पूछताछ की और उसका बयान वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ दर्ज किया। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, युवक ने कथित तौर पर बताया कि वह जुलाई 2026 के आसपास बांग्लादेश से एक दलाल की मदद से असम स्थित भारत-बांग्लादेश सीमा के रास्ते भारत में दाखिल हुआ था। इसके लिए उसने कथित तौर पर 10 हजार रुपये दिए थे। उसने भारत आने का उद्देश्य मजदूरी करना बताया।
पूछताछ में युवक ने यह भी बताया कि वह गुवाहाटी से ट्रेन के रास्ते दिल्ली होते हुए श्रीनगर पहुंचा था। वहां उसकी मुलाकात सफर अली नामक कबाड़ कारोबारी से हुई, जिसके यहां वह पिछले करीब तीन महीने से कबाड़ बीनने का काम कर रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, युवक ने दावा किया कि हाल के दिनों में सफर अली श्रीनगर से चला गया था, जिसके बाद उसने वापस बांग्लादेश लौटने का निर्णय लिया। इसी क्रम में वह श्रीनगर से दिल्ली पहुंचा और वहां से गुवाहाटी के लिए टिकट लेकर ब्रह्मपुत्र मेल में सवार हुआ था।

मोबाइल से दिखाई पहचान, तलाशी में मिले कई सामान

आरपीएफ की रिपोर्ट के अनुसार, युवक के पास भारत में रहने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला। उसने मोबाइल फोन में मौजूद बांग्लादेश सरकार द्वारा जारी पहचान पत्र की तस्वीर दिखाकर अपनी नागरिकता का दावा किया। उसकी पहचान और दस्तावेजों की स्वतंत्र पुष्टि जांच का महत्वपूर्ण विषय है। तलाशी के दौरान उसके पास से एक पुराना सैमसंग मोबाइल फोन, बिना सिम कार्ड के दो कीपैड मोबाइल फोन, 100 रुपये मूल्य का एक पाकिस्तानी मुद्रा नोट, एक नेपाली मुद्रा नोट और दिल्ली से गुवाहाटी का यात्रा टिकट बरामद किया गया। विभागीय विवरण में सैमसंग मोबाइल में एक सिम कार्ड होने की बात भी दर्ज है।

जीआरपी में मामला दर्ज, आगे की जांच जारी

कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद युवक को आवश्यक कार्रवाई के लिए साहिबगंज जीआरपी को सौंप दिया गया। जीआरपी साहिबगंज ने 9 अक्टूबर 2026 को कांड संख्या 32/2026 दर्ज किया। मामला विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 14(ए)(बी) के तहत दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। यह मामला रेलवे में नियमित सुरक्षा जांच के दौरान सामने आया, जिसमें एसीपी की घटना के बाद युवक की पहचान और भारत में प्रवेश से जुड़े कथित तथ्यों की जांच शुरू हुई। अब जांच के दौरान उसके बताए गए रास्ते, पहचान संबंधी दस्तावेजों और अन्य दावों की पुष्टि किया जाना महत्वपूर्ण होगा।

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स्रोत एवं आधिकारिक पुष्टि

यह समाचार रेल प्रशासन एवं रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) से प्राप्त आधिकारिक विभागीय जानकारी और उपलब्ध के आधार पर तैयार किया गया है। खबर में उल्लिखित तथ्यों का आधार संबंधित विभाग से प्राप्त जानकारी है।

रिपोर्ट: जितेन्द्र सेन
संवाददाता | संथाल हूल एक्सप्रेस
दैनिक हिंदी समाचार पत्र



जितेन्द्र सेन वर्ष 2021 से संथाल हूल एक्सप्रेस में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं। वे क्षेत्रीय समाचारों, रेलवे, प्रशासनिक गतिविधियों एवं जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं।

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