रांची में CM हेमंत सोरेन के पूर्व राजनीतिक सलाहकार के घर 45 लाख की चोरी, CCTV में दिखे 3 संदिग्ध

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संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में चोरों ने सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। पुंदाग स्थित सेल सिटी में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पूर्व राजनीतिक सलाहकार हिमांशु शेखर चौधरी के डुप्लेक्स को निशाना बनाया गया। घटना में करीब 30 लाख रुपये के जेवरात, 1.50 लाख रुपये नकद समेत लगभग 45 लाख रुपये का सामान चोरी होने की बात सामने आई है।

जानकारी के अनुसार, घटना के समय हिमांशु शेखर चौधरी निजी काम से गोड्डा गए हुए थे और घर खाली था। शुक्रवार को जब घर में पौधों को पानी देने के लिए मेड पहुंची, तो अंदर का नजारा देखकर हैरान रह गई। घर के लॉकर और अलमारियां टूटी हुई थीं और सामान बिखरा पड़ा था। उसने तुरंत फोन कर हिमांशु शेखर चौधरी को घटना की जानकारी दी।

सूचना मिलने के बाद हिमांशु रांची लौटे और घर की जांच की। इस दौरान लॉकर से जेवरात और नकदी गायब मिली। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी।

CCTV में दिखे तीन संदिग्ध

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट के नमूने एकत्र किए। इसके अलावा, डॉग स्क्वायड की भी मदद ली गई। हालांकि, खोजी कुत्ता घर की बाउंड्री के आसपास ही घूमता रहा।

हिमांशु शेखर चौधरी के मुताबिक, वह 8 अक्टूबर को निजी काम से गोड्डा गए थे। घर में कोई मौजूद नहीं था और पौधों में पानी डालने के लिए उन्होंने मेड को चाबी दी थी।

घर के बाहर लगे CCTV कैमरों की जांच में तीन संदिग्ध आते-जाते दिखाई दिए हैं। फुटेज में दो संदिग्धों के चेहरे ढके हुए नजर आ रहे हैं। तीनों ने हाथों में ग्लव्स पहन रखे थे। हालांकि, कैमरे में किसी का चेहरा स्पष्ट नहीं दिखाई दे रहा है। CCTV फुटेज पुलिस को सौंप दिया गया है।

पार्डी गैंग पर शक, जेल में बंद अपराधियों से भी होगी पहचान

चोरी के तरीके को देखते हुए पुलिस को मध्य प्रदेश के गुना में सक्रिय पार्डी गैंग पर संदेह है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हाल के दिनों में इस गिरोह का कौन-सा सदस्य जेल से बाहर आया है। इसके साथ ही जेल में बंद संदिग्ध अपराधियों को CCTV फुटेज दिखाकर उनकी पहचान कराने की कोशिश की जा रही है।

हालांकि, अब तक पुलिस को कोई ठोस सफलता मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है। पुंदाग ओपी प्रभारी संजीव कुमार के अनुसार, फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट के नमूने लिए हैं। शुक्रवार देर रात तक हिमांशु शेखर चौधरी की ओर से लिखित आवेदन नहीं मिलने के कारण प्राथमिकी दर्ज नहीं हो सकी थी।

पुलिस जांच में जुटी

करीब 45 लाख रुपये की कथित चोरी की इस वारदात के बाद पुलिस CCTV फुटेज, फॉरेंसिक साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर जांच कर रही है। फिलहाल संदिग्धों की पहचान और चोरी गए सामान की बरामदगी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है।

 

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