महाराजपुर रेल कटाव पर राहत की खबर, सातवें दिन घटा गंगा का जलस्तर

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कटाव की रफ्तार में आई कमी, तार की जाली में पत्थर भरकर बनाए गए गेबियन से रोकथाम में मिल रही मदद; बहाली कार्य अब भी जारी



संथाल हूल एक्सप्रेस संवाददाता

साहिबगंज। साहिबगंज–बरहरवा रेलखंड के सकरीगली–महाराजपुर के बीच गंगा नदी के कटाव को लेकर सातवें दिन राहत की खबर सामने आई है। लगातार बढ़ रहे गंगा के जलस्तर और तेज बहाव के बीच अब गंगा की लहर और जलस्तर में धीरे-धीरे कमी देखी जा रही है। इसके साथ ही कटाव की रफ्तार में भी कमी आने के संकेत मिले हैं।
कटाव को नियंत्रित करने के लिए रेलवे प्रशासन की ओर से लगातार बचाव कार्य किया जा रहा है। बड़ी संख्या में मजदूर दिन-रात मौके पर जुटे हुए हैं। तार की जाली में पत्थर भरकर बनाए गए गोलनुमा गेबियन को कटाव प्रभावित हिस्से में लगातार लगाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इन गेबियन के लगाए जाने के बाद कटाव को रोकने में मदद मिलती दिखाई दे रही है।

सातवें दिन दिखने लगा मेहनत का असर



पिछले कई दिनों से रेलवे के अधिकारी, कर्मचारी और मजदूर लगातार गंगा के किनारे सुरक्षा कार्य में जुटे हैं। तेज बहाव के बीच कटाव को रोकना बड़ी चुनौती बनी हुई थी। मजदूरों ने लगातार मेहनत करते हुए प्रभावित हिस्से में पत्थर और बोल्डर डालने के साथ सुरक्षा कार्य को आगे बढ़ाया।
अब गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे नीचे आने और लहरों की तीव्रता कम होने से मौके पर काम कर रही टीम को कुछ राहत मिली है। सातवें दिन मजदूरों की लगातार मेहनत का असर दिखाई देने लगा है और कटाव को नियंत्रित करने की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि रेलवे प्रशासन अभी किसी तरह की लापरवाही के पक्ष में नहीं है। सुरक्षा कार्य लगातार जारी है और प्रभावित रेलखंड की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। सामान्य रेल परिचालन शुरू करने से पहले ट्रैक और आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा की पूरी तरह जांच की जाएगी।

ट्रेनों के परिचालन को लेकर बढ़ी उम्मीद



गंगा कटाव के कारण पिछले कई दिनों से इस रेलखंड पर ट्रेन परिचालन प्रभावित है। कई ट्रेनों को रद्द किया गया है, जबकि कुछ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। इससे स्थानीय यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अब जलस्तर घटने और कटाव की रफ्तार कम होने के बाद स्थानीय यात्रियों में जल्द रेल परिचालन सामान्य होने की उम्मीद जगी है। यात्रियों का कहना है कि सबसे पहले लोकल और पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन शुरू किया जाए, ताकि विद्यार्थियों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और रोजमर्रा के जरूरी काम से यात्रा करने वाले लोगों को राहत मिल सके।

अभी पूरी तरह खतरा टला नहीं

हालांकि जलस्तर में कमी और कटाव की रफ्तार घटने से राहत मिली है, लेकिन रेलवे प्रशासन की ओर से सुरक्षा कार्य अभी रोका नहीं गया है। प्रभावित हिस्से में लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत के अनुसार पत्थर, बोल्डर और अन्य सुरक्षा सामग्री लगाई जा रही है। फिलहाल गंगा का जलस्तर घटना और कटाव की रफ्तार कम होना रेलवे के लिए राहत का संकेत माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सुरक्षा कार्य कब तक पूरा होता है और तकनीकी जांच के बाद इस रेलखंड पर सामान्य ट्रेन परिचालन को लेकर रेलवे कब फैसला लेता है।

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