राजद जिलाध्यक्ष महावीर कुमार मडैया ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को जारी किया निर्देश, पार्टी के नाम पर अनावश्यक दबाव बनाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी
संथाल हूल एक्सप्रेस | संवाददाता, पाकुड़
पाकुड़। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की पाकुड़ जिला इकाई में पार्टी के लेटरहेड के कथित दुरुपयोग और सरकारी विभागों में अनावश्यक हस्तक्षेप को लेकर मामला सामने आया है। एक ओर राजद महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष ज्योति कुमारी दुबे ने जिले के विभिन्न कार्यालयों में कार्यरत लिपिक, वरीय लिपिक एवं कंप्यूटर ऑपरेटरों के स्थानांतरण में कथित पक्षपात का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है, वहीं दूसरी ओर राजद के पाकुड़ जिलाध्यक्ष महावीर कुमार मडैया ने पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को लेटरहेड के कथित दुरुपयोग के संबंध में सख्त निर्देश जारी किया है।


दोनों पत्रों के सामने आने के बाद जिले में पार्टी की कार्यप्रणाली, संगठनात्मक अनुशासन और कर्मचारियों के स्थानांतरण से जुड़े सवाल चर्चा में हैं।
ज्योति दुबे ने स्थानांतरण प्रक्रिया पर उठाए सवाल
राजद महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष ज्योति कुमारी दुबे ने 30 सितंबर 2026 को पाकुड़ की उपायुक्त को संबोधित पत्र के माध्यम से जिले के विभिन्न कार्यालयों में कार्यरत लिपिक, वरीय लिपिक और कंप्यूटर ऑपरेटरों के स्थानांतरण को लेकर शिकायत की थी। इस संबंध में उन्होंने 1 अक्टूबर को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपनी मांगों को सार्वजनिक किया।
ज्योति दुबे का आरोप है कि स्थानांतरण की प्रक्रिया में कुछ कर्मचारियों को कथित रूप से अनुचित लाभ दिया जा रहा है, जबकि अन्य कर्मचारियों के हितों की अनदेखी हो रही है। उन्होंने स्थानांतरण से संबंधित नियमों, विभागीय अनुशंसाओं और प्रशासनिक निर्णयों की निष्पक्ष समीक्षा करने की मांग की है।
उन्होंने यह भी कहा है कि यदि शिकायतों का समाधान नहीं होता है, तो मामले को उच्च स्तर पर उठाया जाएगा। उनके पत्र में राज्य एवं प्रदेश स्तर के वरिष्ठ पदाधिकारियों के समक्ष शिकायत रखने का उल्लेख भी किया गया है।
जिला अध्यक्ष ने लेटरहेड के दुरुपयोग पर जताई चिंता
इसी बीच, राजद के पाकुड़ जिलाध्यक्ष महावीर कुमार मडैया ने 1 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में जिला इकाई के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा है कि पिछले कुछ दिनों से ऐसी सूचनाएं मिल रही हैं कि पार्टी के कुछ पदाधिकारियों द्वारा सरकारी विभागों में अनावश्यक रूप से जाकर पार्टी के लेटरहेड का इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग विभिन्न मुद्दों को आधार बनाकर विभागों में चक्कर लगा रहे हैं और कथित रूप से अनुचित दबाव बनाने अथवा चंदा वसूली जैसे कार्यों में संलिप्त हैं। जिलाध्यक्ष ने ऐसे आचरण को पार्टी की छवि और प्रतिष्ठा के प्रतिकूल बताया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय जनता दल सामाजिक न्याय की विचारधारा वाली पार्टी है और संगठन की गरिमा एवं प्रतिष्ठा से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
शिकायत मिलने पर संगठनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
जिलाध्यक्ष महावीर कुमार मडैया ने सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे इस प्रकार की गतिविधियों से दूर रहें और संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में काम करें।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि यदि जिला प्रशासन या किसी विभागीय अधिकारी के माध्यम से किसी पार्टी पदाधिकारी के खिलाफ इस तरह की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित व्यक्ति को तत्काल प्रभाव से पार्टी के पद से मुक्त करने और छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित करने की कार्रवाई की जा सकती है।
यह चेतावनी पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने तथा संगठन के नाम का इस्तेमाल कर किसी प्रकार का अनुचित लाभ लेने की संभावनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से जारी की गई है।
दोनों घटनाक्रमों के बीच क्या है महत्वपूर्ण सवाल?

ज्योति दुबे ने जहां सरकारी कर्मचारियों के स्थानांतरण में कथित पक्षपात का मुद्दा उठाया है, वहीं जिला अध्यक्ष की विज्ञप्ति में पार्टी के लेटरहेड के कथित दुरुपयोग और सरकारी विभागों पर अनुचित दबाव बनाने की शिकायतों का उल्लेख है।
हालांकि, उपलब्ध दोनों दस्तावेजों में ऐसा कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं है जिससे यह निष्कर्ष निकाला जा सके कि जिलाध्यक्ष की विज्ञप्ति विशेष रूप से ज्योति दुबे की शिकायत के जवाब में जारी की गई है। दोनों मामलों को अलग-अलग तथ्यों और संबंधित पक्षों के स्पष्टीकरण के आधार पर देखना आवश्यक है।
स्थानांतरण से जुड़ी शिकायतों की जांच और पार्टी के लेटरहेड के कथित दुरुपयोग की शिकायतों की पड़ताल अलग-अलग विषय हैं। ऐसे में संबंधित प्रशासनिक रिकॉर्ड और पार्टी की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले स्पष्टीकरण से ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


प्रशासनिक जांच और पार्टी के स्पष्टीकरण पर टिकी नजरें
फिलहाल, ज्योति दुबे की ओर से स्थानांतरण प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की गई है, जबकि जिला अध्यक्ष ने पार्टी के नाम पर कथित अनियमित गतिविधियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन स्थानांतरण संबंधी शिकायत पर क्या कदम उठाता है और राजद की जिला इकाई लेटरहेड के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामलों में क्या कार्रवाई करती है।









