सारंडा में मधुमक्खियों के हमले में 4 CRPF जवान घायल, मलेरिया का खतरा बरकरार

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📍 जमशेदपुर/संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क

झारखंड के सारंडा जंगल में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को अब नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। Central Reserve Police Force (CRPF) के जवानों के सामने नक्सलियों के साथ-साथ प्राकृतिक खतरे भी बड़ी समस्या बनकर उभर रहे हैं।

🐝 मधुमक्खियों के हमले में 4 जवान घायल

बुधवार सुबह अचानक हुए मधुमक्खियों के हमले में CRPF के चार जवान घायल हो गए। सभी घायलों को तुरंत मनोहरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार सभी जवानों की स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।

⚠️ जंगल में दोहरी चुनौती

सारंडा के घने जंगलों में तैनात जवानों को हर कदम पर खतरे का सामना करना पड़ रहा है।

  • एक ओर नक्सलियों द्वारा बिछाए गए IED का खतरा
  • दूसरी ओर मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों का प्रकोप

इन दोनों के बीच अभियान को जारी रखना सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

🦟 मलेरिया से जवान की मौत, बढ़ी चिंता

हाल ही में इसी अभियान के दौरान एक जवान की मलेरिया से मौत हो चुकी है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं। अब मधुमक्खियों के हमले ने खतरे को और बढ़ा दिया है।

💪 चुनौती के बीच जारी अभियान

इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद CRPF के जवान पूरी बहादुरी और प्रतिबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। सारंडा का यह अभियान अब केवल नक्सलियों के खिलाफ नहीं, बल्कि प्राकृतिक और अदृश्य खतरों से भी जूझने का उदाहरण बनता जा रहा है।

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