गढ़वा, झारखंड |संथाल हूल एक्सप्रेस
झारखंड के गढ़वा जिले से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जहां चार महीने से लापता युवक का कंकाल एक कुएं से बरामद हुआ। मृतक की पहचान रंका थाना क्षेत्र के कंचनपुर गांव निवासी रितेश कुमार रवि के रूप में की गई है।
पुलिस के अनुसार, रितेश 7 जनवरी 2026 से लापता था। उसके पिता कृष्णा राम ने थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। प्रारंभिक जांच में यह माना जा रहा था कि रितेश चेन्नई में किसी घटना का शिकार हुआ होगा, जहां वह काम के लिए गया था। लेकिन जब पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला, तो कॉल डिटेल्स की जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान एक संदिग्ध नंबर सामने आया, जो खुरा गांव की रहने वाली प्रियंका उर्फ केवला देवी का था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां इस पूरे हत्याकांड का खुलासा हुआ।
पता चला कि रितेश का प्रियंका से प्रेम संबंध था। प्रियंका का पति धनंजय उरांव मजदूरी के सिलसिले में अक्सर बाहर रहता था, जिसका फायदा उठाकर दोनों के बीच अवैध संबंध बन गए थे। लेकिन बाद में संबंधों में खटास आने लगी और प्रियंका ने दूरी बनानी शुरू कर दी।
इसी बीच रितेश प्रियंका को ब्लैकमेल करने लगा और उनके संबंधों की जानकारी उसके पति धनंजय को भी दे दी। इससे पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ गया। अंततः प्रियंका ने अपने पति के साथ मिलकर रितेश को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
7 जनवरी को प्रियंका ने रितेश को अपने घर बुलाया, जहां पहले से मौजूद धनंजय और उसके साथी छोटू एवं नेपाली उरांव ने मिलकर उसकी बेरहमी से पिटाई कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को बोरे में भरकर गांव से करीब 2 किलोमीटर दूर एक कुएं में फेंक दिया गया।
हत्या के बाद सभी आरोपी अलग-अलग राज्यों में चले गए और अपने फोन बंद कर लिए। लेकिन पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस के जरिए प्रियंका तक पहुंच बनाई और फिर बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
एसडीपीओ रोहित रंजन सिंह ने बताया कि सभी आरोपियों ने पूछताछ में अपराध स्वीकार कर लिया है। शव आरोपियों की निशानदेही पर बरामद किया गया, जिसकी पहचान कपड़ों से हुई है। डीएनए टेस्ट के जरिए अंतिम पुष्टि की जाएगी।
पुलिस ने प्रियंका उर्फ केवला देवी, उसके पति धनंजय उरांव तथा सहयोगी छोटू और नेपाली उरांव को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।








