राजभवन तक शांतिपूर्ण पैदल मार्च, मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
रांची। अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा ने अपने हक-अधिकारों से जुड़ी दस सूत्री मांगों को लेकर 8 अक्टूबर को रांची में प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री के नाम उपायुक्त कार्यालय एवं झारखंड के राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। मोर्चा ने अपनी मांगों पर विचार नहीं किए जाने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक तथा प्रभावी बनाने की चेतावनी दी।
मोर्चा ने अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में बदलाव करते हुए जयपाल सिंह स्टेडियम के बजाय मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका में कार्यक्रम आयोजित किया। यहां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता स्वर्गीय रूपी सोरेन के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद संगठन के सदस्य हाथों में मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर शांतिपूर्ण एवं मौन पैदल मार्च करते हुए राजभवन पहुंचे और ज्ञापन सौंपा।
मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राजेश सिंह ने आरोप लगाया कि सवर्ण समाज के हितों के खिलाफ षड्यंत्र किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगों पर संज्ञान नहीं लिए जाने पर भविष्य में बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।
राजेश सिंह ने बताया कि संगठन की तैयारी बड़ी संख्या में लोगों के साथ प्रदर्शन करने की थी, लेकिन मुख्यमंत्री की माता के निधन की सूचना के बाद कार्यक्रम में बदलाव किया गया। इसी कारण सीमित संख्या में प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों को संबंधित अधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री तक पहुंचाने की पहल की।
समान अधिकार की मांग पर जोर
अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव सह झारखंड प्रभारी सुनील कुमार सिंह ने कहा कि संगठन देशभर में प्रधानमंत्री के नाम संबंधित अधिकारियों के माध्यम से ज्ञापन सौंप रहा है। इसी अभियान के तहत रांची में भी उपायुक्त कार्यालय और राजभवन में ज्ञापन दिया गया।
उन्होंने कहा कि संविधान समानता का अधिकार प्रदान करता है और संगठन किसी वर्ग या समाज का विरोध नहीं करता, बल्कि केंद्र एवं राज्य सरकार से अपने अधिकारों और हितों पर विचार करने की मांग करता है। उन्होंने संगठन की ओर से लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से गांव से राजधानी और संवैधानिक संस्थाओं तक अपनी आवाज पहुंचाने की बात कही।
क्या हैं मोर्चा की दस सूत्री मांगें?
अखिल भारतीय सवर्ण मोर्चा ने ज्ञापन में प्रमुख रूप से निम्नलिखित मांगें रखीं—
1. यूजीसी नियमावली वापस लेने की मांग।
2. राष्ट्रीय सवर्ण आयोग का गठन।
3. एससी/एसटी एक्ट में संशोधन अथवा सवर्ण एक्ट बनाने की मांग।
4. जातिगत आरक्षण के स्थान पर सभी के लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण की व्यवस्था।
5. झारखंड सहित सभी राज्यों में सवर्ण आयोग का गठन।
6. सवर्ण विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति एवं छात्रावास की व्यवस्था।
7. सवर्ण समाज के विकास के लिए अलग बजट का आवंटन।
8. अन्य वर्गों की तरह सवर्ण मंत्री अथवा मंत्रालय की व्यवस्था।
9. कानून, बजट एवं सरकारी योजनाओं में सवर्ण समाज को बराबरी देने की मांग।
10. राजनीतिक दलों में अन्य जातिगत मोर्चों की तरह सवर्ण मोर्चे की व्यवस्था।
कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष राजेश सिंह, राष्ट्रीय सचिव सह झारखंड प्रभारी सुनील कुमार सिंह, प्रदेश संरक्षक रामेश्वर दयाल सिंह, प्रवीण सिंह, भोला झा, विकास सिंह, कमल ठाकुर, विशाल सिंह, अनिल मिश्रा, रमेश सिंह, संतोष सिंह, संजय सहाय, रंजन झा, टुलू पांडे, दिलीप सिंह, संजय सिंह, नीलम चौबे और मालती सिंह सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल हुए।
मोर्चा ने स्पष्ट किया कि वह अपनी मांगों को संबंधित संवैधानिक संस्थाओं एवं सरकार तक पहुंचाने के लिए आगे भी शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से प्रयास जारी रखेगा।









