जमशेदपुर में पुलिस मुठभेड़, 2 अपराधियों के पैर में लगी गोली; बिंदल मॉल फायरिंग से जुड़े होने का आरोप

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संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क

जमशेदपुर। सोनारी थाना क्षेत्र के मरीन ड्राइव स्थित जंगल में बुधवार तड़के पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो आरोपी मोहन यादव और अजीत मंडल के पैर में गोली लगी। दोनों को घायल अवस्था में इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों को देर शाम गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान उन्होंने कथित तौर पर बताया कि बिंदल मॉल के रेस्टोरेंट में फायरिंग के दौरान इस्तेमाल किया गया हथियार मरीन ड्राइव के जंगल में छिपाया गया है। इसके बाद पुलिस टीम दोनों को हथियार बरामद करने के लिए जंगल लेकर पहुंची थी।

पुलिस का दावा- जवान की पिस्टल छीनकर की फायरिंग

पुलिस के मुताबिक, जंगल में पहुंचने के बाद दोनों आरोपियों ने मौका देखकर एक पुलिस जवान की कमर से पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद दोनों भागने लगे।

पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए जवाबी कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, दोनों ओर से करीब तीन-तीन राउंड फायरिंग हुई। जवाबी कार्रवाई में मोहन यादव और अजीत मंडल के पैर में गोली लगी और दोनों जमीन पर गिर पड़े।

पुलिसकर्मियों ने दोनों को हिरासत में लेकर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल भेजा। घटनास्थल से पुलिस ने दो पिस्टल बरामद करने का दावा किया है।

बिंदल मॉल रेस्टोरेंट में हुई थी फायरिंग

पुलिस के अनुसार, 26 सितंबर को सोनारी स्थित बिंदल मॉल के रेस्टोरेंट में तीन अपराधी बाइक से पहुंचे थे। इनमें से दो अंदर गए और कथित तौर पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। घटना में चार लोगों के घायल होने की बात सामने आई थी।

रेस्टोरेंट में हुई फायरिंग की पूरी घटना CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हुई थी। इसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई शुरू की थी।

एक साजिशकर्ता गिरफ्तार, तीन शूटरों पर इनाम

फायरिंग की घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की। पुलिस के अनुसार, मामले में एक कथित साजिशकर्ता को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि तीन शूटरों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

अब मोहन यादव और अजीत मंडल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। साथ ही पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हथियार आरोपियों तक कैसे पहुंचे और फायरिंग की पूरी साजिश में कौन-कौन लोग शामिल थे।

सिटी एसपी ललित मीणा के अनुसार, मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क का भी पता लगाया जा रहा है।

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