पाकुड़ के होटल में ठहरे मालदा जिला परिषद के 26 सदस्य, बंगाल पुलिस पहुंची तो हुआ हंगामा

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संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क

पाकुड़: पश्चिम बंगाल के मालदा जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। चुनाव से पहले मालदा के 26 नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्य पाकुड़ के एक होटल में ठहरे हुए हैं। शुक्रवार देर रात मालदा पुलिस की टीम के होटल पहुंचने के बाद वहां विवाद और हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। सदस्यों ने पुलिस पर उन्हें अपने साथ ले जाने का प्रयास करने का आरोप लगाया। स्थिति बिगड़ने पर पाकुड़ पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया।

6 अक्टूबर को होना है अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का चुनाव

मालदा जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव 6 अक्टूबर को होना है। मालदा जिला परिषद में कुल 43 सदस्य हैं। रिपोर्टों के अनुसार, पाकुड़ में ठहरे सदस्यों में टीएमसी और कांग्रेस के सदस्य शामिल हैं। सदस्यों की ओर से दावा किया गया है कि वे चुनाव से पहले एकजुट होकर पाकुड़ में ठहरे हुए हैं।

बंगाल पुलिस के पहुंचने पर बढ़ा विवाद

रिपोर्टों के मुताबिक, मालदा पुलिस को जिला परिषद सदस्यों के पाकुड़ में ठहरे होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम होटल पहुंची। सदस्यों का आरोप है कि पुलिस उन्हें अपने साथ ले जाने का प्रयास कर रही थी। उन्होंने इसका विरोध करते हुए कहा कि वे अपनी इच्छा से पाकुड़ आए हैं।

इसी दौरान पुलिस और सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई और धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनने की बात सामने आई। मामला बढ़ता देख पाकुड़ पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को नियंत्रित किया।

महिला सदस्यों से दुर्व्यवहार का आरोप

जिला परिषद सदस्य सागरिका सरकार ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले सदस्यों पर पुलिस के माध्यम से दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने होटल में मौजूद महिला सदस्यों के साथ कथित दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया है।

हालांकि, इन आरोपों पर पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

चुनावी समीकरण के बीच बढ़ी हलचल

मालदा जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनाव को लेकर सदस्यों का पाकुड़ में ठहरना और उसके बाद बंगाल पुलिस की टीम के होटल पहुंचने से राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। सदस्यों की ओर से पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि पुलिस की ओर से कार्रवाई का आधिकारिक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है।

फिलहाल सभी की नजर 6 अक्टूबर को होने वाले मालदा जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव पर है। मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद पूरे घटनाक्रम की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

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