जमशेदपुर/आदित्यपुर: झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) के आदित्यपुर विद्युत आपूर्ति क्षेत्र के तत्कालीन कनीय अभियंता (JE) दिलीप प्रसाद और बिजली विभाग के ठेकेदार शंभू झा के बीच चार लाख रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद सामने आया है। दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों के बीच आदित्यपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
काम दिलाने के नाम पर 4 लाख रुपये लेने का आरोप
नेहा इलेक्ट्रिकल्स के प्रोपराइटर शंभू झा का आरोप है कि तत्कालीन कनीय अभियंता दिलीप प्रसाद ने काम दिलाने के नाम पर उनसे यूपीआई के माध्यम से अपने व्यक्तिगत खाते में चार लाख रुपये लिए थे। शंभू झा के अनुसार, जब उन्होंने इस मामले में शिकायत की, तो उनके खिलाफ ही आदित्यपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी गई।
दूसरी ओर, दिलीप प्रसाद ने शंभू झा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने शंभू झा से पूछताछ भी की है। फिलहाल दोनों पक्षों के आरोपों की जांच की जा रही है।
वर्ष 2022 के बिजली कार्यों से जुड़ा मामला
बताया जा रहा है कि पूरा मामला वर्ष 2022 में आदित्यपुर क्षेत्र में बिजली व्यवस्था की क्षमता बढ़ाने से जुड़े कार्यों से संबंधित है। शंभू झा ने आरोप लगाया है कि इन कार्यों में 11 केवी से 33 केवी तक की केबलिंग, स्विचिंग, डेडिकेटेड फीडर और टैपिंग प्वाइंट से संबंधित सामग्री का इस्तेमाल किया जाना था।
उनका दावा है कि इन कार्यों के लिए JBVNL के स्टोर से बिजली संबंधी सामग्री निकाली गई थी, लेकिन सामग्री के उपयोग और कार्यों के निष्पादन से जुड़े दस्तावेजों में विसंगतियां हैं। उन्होंने इस मामले में विभागीय अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।
अन्य अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग
शंभू झा ने तत्कालीन कार्यपालक अभियंता अनुप प्रसाद और जमशेदपुर सेंट्रल स्टोर में पदस्थापित रहे तत्कालीन कार्यपालक अभियंता चंद्रभूषण कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों, रुपये के लेन-देन और बिजली संबंधी सामग्री के इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।









