झारखंड में 108 एम्बुलेंस सेवा में वेतन संकट, कर्मचारी हड़ताल पर

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संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क रांची/साहेबगंज

झारखंड में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली 108 एम्बुलेंस सेवा इन दिनों गंभीर संकट से गुजर रही है। सेवा का संचालन कर रही सम्मान फाउंडेशन पर कर्मचारियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि उन्हें न तो समय पर वेतन दिया जा रहा है और न ही उनके वैधानिक श्रमिक अधिकारों का पालन किया जा रहा है।

वेतन संकट से जूझते कर्मचारी

एम्बुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें मार्च और अप्रैल 2026 का वेतन अब तक नहीं मिला है। पहले भी कई बार आंदोलन के बाद कंपनी द्वारा समझौता किया गया था, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया। लगातार अनदेखी के कारण कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बिगड़ती जा रही है।

सरकारी निर्देशों की अनदेखी

कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि कंपनी सरकार के स्पष्ट निर्देशों का भी पालन नहीं कर रही है। इस पूरे मामले में राज्य सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि कार्रवाई नहीं होने से कंपनी का मनोबल और बढ़ गया है।

3 मई से काम बंद, हड़ताल जारी

स्थिति से परेशान होकर कर्मचारियों ने 3 मई 2026 की शाम से काम बंद कर दिया और अब वे हड़ताल पर हैं। कॉल सेंटर में कार्यरत Emergency Response Officer (ERO) ने कंपनी के निदेशक Sumit Vasu से कई बार संपर्क किया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला।

संघ की चेतावनी

झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष Neeraj Tiwari ने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो हड़ताल और व्यापक हो सकती है। EMT और पायलट भी पूर्ण कार्यबहिष्कार कर सकते हैं।

आम जनता पर असर

इस हड़ताल का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। समय पर एम्बुलेंस सेवा न मिलने से मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें मात्र 6 से 8 हजार रुपये वेतन मिलता है, वह भी समय पर नहीं मिलता, जिससे जीवन यापन मुश्किल हो गया है।


108 एम्बुलेंस सेवा में उत्पन्न यह वेतन संकट न केवल कर्मचारियों के अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो यह संकट और गहरा सकता है और आम जनता को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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