छतरपुर: दुर्गा पूजा पंडालों के निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (DSP) छतरपुर प्रशांत कुमार का एक अलग और आत्मीय रूप देखने को मिला। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे DSP बच्चों के बीच शिक्षक की भूमिका में नजर आए। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई, स्कूल और पाठ्यक्रम के बारे में जानकारी ली और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
बच्चों को पढ़ाई के प्रति किया प्रेरित
पूजा पंडाल में बच्चों से बातचीत के दौरान DSP प्रशांत कुमार ने उनकी पढ़ाई-लिखाई के बारे में पूछा। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ने, पाठ्यक्रम को अच्छी तरह समझने और अपने लक्ष्य की ओर लगातार मेहनत करने की सलाह दी। उनका यह सहज अंदाज बच्चों के साथ आत्मीय जुड़ाव का उदाहरण बना।
जनसंवाद और आत्मीय व्यवहार के लिए जाने जाते हैं DSP
DSP प्रशांत कुमार पहले भी आम लोगों, खासकर बच्चों और युवाओं के साथ सहज संवाद और आत्मीय व्यवहार के लिए जाने जाते रहे हैं। दुर्गा पूजा पंडाल में बच्चों के साथ उनका यह संवाद पुलिस की संवेदनशीलता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मानवीय पक्ष को सामने लाता है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने के साथ बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने की यह पहल समाज और पुलिस के बीच विश्वास तथा सकारात्मक जुड़ाव का संदेश देती है।
संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क









