संथाल हूल एक्सप्रेस डेस्क
रांची: झारखंड हाईकोर्ट में JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अपना पक्ष रखा। सरकार ने अदालत में दलील दी कि अब तक की जांच में परीक्षा में अनियमितताओं से जुड़े कई साक्ष्य सामने आए हैं। सरकार के मुताबिक, उपलब्ध साक्ष्य और दस्तावेज प्रश्नपत्र लीक तथा परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों को बल देते हैं।
सरकार ने बताई पूरी परीक्षा रद्द करने की वजह
राज्य सरकार ने अदालत में कहा कि मौजूदा साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट रूप से पहचानना मुश्किल है कि किन अभ्यर्थियों ने अनुचित तरीके से नौकरी हासिल की और कौन निष्पक्ष तरीके से परीक्षा में शामिल हुए थे।
सरकार की दलील थी कि ऐसी स्थिति में केवल कुछ अभ्यर्थियों की परीक्षा या परिणाम रद्द करने के बजाय पूरी परीक्षा प्रक्रिया रद्द करने का फैसला लिया गया। सरकार ने इसे परीक्षा में कथित अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मामले में उठाया गया कदम बताया।
JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले को लेकर दायर याचिकाओं पर हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है। इस मामले में अदालत का अंतिम फैसला आना बाकी है।
JPSC की विभिन्न परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले पर भी सुनवाई
वहीं, हाईकोर्ट में आज झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की ओर से आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर भी सुनवाई होनी है।
इनमें बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO), 11वीं-13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मामले शामिल हैं।
इन याचिकाओं पर होने वाली सुनवाई में सरकार के फैसले और याचिकाकर्ताओं की दलीलों पर अदालत का रुख महत्वपूर्ण रहेगा।










